Adhyay 10
Shloka 25
Shloka
संकीर्णयोनयो ये तु प्रतिलोमानुलोमजाः। अन्योन्यव्यतिषक्ताश्च तान्प्रवक्ष्याम्यशेषतः॥
Shloka 25 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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