Adhyay 10
Shloka 23
Shloka
वैश्यात्तु जायते व्रात्यात्सुधन्वाचार्य एव च। कारुषश्च विजन्मा च मैत्रः सात्वत एव च॥
Shloka 23 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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