Adhyay 10
Shloka 108
Shloka
क्षुधार्तश्चात्तुं अभ्यागाद्विश्वामित्रः श्वजाघनीम्। चण्डालहस्तादादाय धर्माधर्मविचक्षणः॥
Shloka 108 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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