Adhyay 10
Shloka 107
Shloka
भरद्वाजः क्षुधार्तस्तु सपुत्रो विजने वने। बह्वीर्गाः प्रतिजग्राह वृधोस्तक्ष्णो महातपाः॥
Shloka 107 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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