Adhyay 10
Shloka 101
Shloka
वैश्यवृत्तिं अनातिष्ठन्ब्राह्मणः स्वे पथि स्थितः। अवृत्तिकर्षितः सीदन्निमं धर्मं समाचरेत्॥
Shloka 101 Chapter Ten
Subject: चातुर्वर्ण्य धर्मान्तर्गत वैश्य-शुद्र के धर्म एवं चातुर्वर्ण्य धर्म का उपसंहार
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