Adhyay 1
Shloka 81
Shloka
चतुष्पात्सकलो धर्मः सत्यं चैव कृते युगे। नाधर्मेणागमः कश्चिन्मनुष्यान्प्रति वर्तते॥
Pada
चतुष्पात्। सकलो। धर्मः। सत्यं। च-एव। कृते। युगे। न-अधर्मेण-अगमः। कश्। चिन्। मनुष्यान्। प्रति। वर्तते।
