Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 69 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 69

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 69
Shloka
चत्वार्याहुः सहस्राणि वर्साणां तत्कृतं युगम्। तस्य तावच्छती संध्या संध्यांशश्च तथाविधः॥
Pada
चत्वार्याहुः। सहस्राणि। वर्साणां। तत्। कृतं। युगम्। तस्य। तावत् - शती। संध्या। संध्यांशश्। च। तथाविधः।

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Subject
सतयुग का परिमारण
Meaning
(तत् चत्वारि सहस्राणि वर्षाणां कृतं युगम् आहुः) उन देवताओं [६७ वें में जिनके दिन-रातों का वर्णन है] के चार हजार दिव्य वर्षों का एक 'सतयुग' कहा है । (तस्य) इस सतयुग की (यावत् शती सन्ध्या) उतने ही सौ वर्ष की अर्थात् ४०० वर्षं की संध्या होती है और (तथाविधः) उतने ही वर्षों का अर्थात् (संध्यांश:) संध्यांश का समय होता है ॥६६॥