Adhyay 1
Shloka 60
Shloka
ततस्तथा स तेनोक्तो महर्षिमनुना भृगुः। तानब्रवीदृषीन्सर्वान्प्रीतात्मा श्रूयतां इति॥
Pada
ततस्। तथा। स। तेन-उक्तो। महर्षि-मनुना। भृगुः। तान्। अब्रवीद्। ऋषीन्। सर्वान्। प्रीतात्मा। श्रूयताम्। इति।
