Adhyay 1
Shloka 52
Shloka
यदा स देवो जागर्ति तदेवं चेष्टते जगत्। यदा स्वपिति शान्तात्मा तदा सर्वं निमीलति॥
Pada
यदा। स। देवो। जागर्ति। तद्। एवं। चेष्टते। जगत्। यदा। स्वपिति। शान्त-अत्मा। तदा। सर्वं। निमीलति।
