Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 42 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 42

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 42
Shloka
येषां तु यादृषं कर्म भूतानां इह कीर्तितम्। तत्तथा वोऽभिधास्यामि क्रमयोगं च जन्मनि॥
Pada
येषां। तु। यादृषं। कर्म। भूतानाम्। इह। कीर्तितम्। तत्। तथा। वो। अभिधास्यामि। क्रमयोगं। च। जन्मनि।

Bhashya

Subject
प्राणियों की उत्पत्ति का प्रकार
Meaning
(इह) इस संसार में (येषां भूतानाम्) जिन मनुष्यों का वर्णगत मनुष्यों का (याशं कर्म) जैसा कर्म (कीर्तितम्) वेदों में कहा है (तत्) उसे (तथा) वैसे ही (१ । ८७-६१) (च) और (जन्मनि) उत्पन्न होने में (क्रमयोगम्) जीवों का जो एक निश्चित प्रकार रहता है, उसे (वः) आप लोगों को (अभिधास्यामि) कहूँगा ॥४२॥