Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 4 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 4

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 4
Shloka
स तैः पृष्टस्तथा सम्यगमितौजा महात्मभिः। प्रत्युवाचार्च्य तान्सर्वान्महर्षीञ् श्रूयतां इति॥
Pada
स। तैः। पृष्टस्। तथा। सम्यग्। अमित-ओजा। महात्मभिः। प्रत्युवाच-अर्घ्य। तान्। सर्वान्। महर्षीन् - श्रूयताम्। इति।

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Subject
मनु का महर्षियों को उत्तर
Meaning
(तैः) उन (महात्मभिः) महर्षि लोगों द्वारा (सम्यक्) भलीभांति श्रद्धा-. सत्कार पूर्वक (तथा) उपर्युक्त प्रकार से (पृष्ट:) पूछे जाने पर, (स: अमितौजाः) वह अत्यधिक ज्ञानसम्पन्न महर्षि मनु (तान् सर्वान् महर्षीन्) उन सब महर्षियों का (आर्च्य) सत्कार करके (श्रृयताम् इति) 'सुनिए' ऐसा (प्रत्युवाच) उत्तर में बोले॥४॥