Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 18 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 18

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 18
Shloka
तदाविशन्ति भूतानि महान्ति सह कर्मभिः। मनश्चावयवैः सूक्ष्मैः सर्वभूतकृदव्ययम्॥
Pada
तद्। आविशन्ति। भूतानि। महान्ति। सह। कर्मभिः। मनश्। च-अवयवैः। सूक्ष्मैः। सर्वभूतकृद्। अव्ययम्।

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1 Bhashyas
Subject
सूक्ष्म शरीर से आत्मा का संयोग
Meaning
(तदा) तब जगत् के तत्त्वों की सृष्टि होने पर (सहकर्मभिः) अपने-अपने कर्मों के साथ (महान्ति भूतानि) शक्तिशाली सभी सूक्ष्म महाभूत (च) और (सूक्ष्म : अवयवः मनः) अपने सूक्ष्म अवयवों - इन्द्रियों और अहंकार के साथ • मन (सर्वभूतकृद् अव्ययम्) सब प्राणियों को जन्म देने वाले अविनाशी आत्मा को (आविशन्ति) आवेष्टित करते हैं [ और इस प्रकार सूक्ष्म शरीर की रचना होती है]॥१८॥