Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 144 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 144

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 144
Shloka
एषा धर्मस्य वो योनिः समासेन प्रकीर्तिता। संभवश्चास्य सर्वस्य वर्णधर्मान्निबोधत॥

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Subject
विषय समाप्ति कथन एवं अग्रिम विषय का संकेत
Meaning
(एषा) यह (धर्मस्य योनिः) धर्म की उत्पत्ति [१२० से १३६ तक (अथवा २ । १ से २ । २०)] (च) और (अस्य सर्वस्य संभव:) इस समस्त जगत् की उत्पत्ति (समासेन) संक्षेप से (वः प्रकीर्तिता) आप लोगों को कही, ध्रुव (वर्णधर्मान्) वर्णधर्मो को (निबोधत) सुनो ॥१४४॥