Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 132 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 132

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 132
Shloka
अर्थकामेष्वसक्तानां धर्मज्ञानं विधीयते। धर्मं जिज्ञासमानानां प्रमाणं परमं श्रुतिः॥

Bhashya

Subject
र्मजिज्ञासा में श्रुति परमप्रमाण
Meaning
(अर्थकामेषु असक्तानाम) जो पुरुष अर्थ- सुवर्णादि रत्न और कामस्त्रीसेवनादि में नहीं फंसते हैं (धर्मज्ञानं विधीयते) उन्हीं को धर्म का ज्ञान होता है (धर्मं जिज्ञासमानानाम्) जो धर्म के ज्ञान की इच्छा करें, वे (प्रमाणं परमं श्रुतिः) वेद द्वारा धर्म का निश्चय करें, क्योंकि धर्म-अधर्म का निश्चय विना वेद के ठीक-ठीक नहीं होता॥१३२॥