Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 130 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 130

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 130
Shloka
योऽवमन्येत ते मूले हेतुशास्त्राश्रयाद्द्विजः। स साधुभिर्बहिष्कार्यो नास्तिको वेदनिन्दकः॥

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Subject
नास्तिक-निन्दा
Meaning
(यः द्विजः) जो कोई मनुष्य (ते मूले) वेद और वेदानुकूल आप्तग्रन्थों का (हेतुशास्त्राश्रयात्) तर्कशास्त्र के आश्रय से (अवमन्येत) अपमान करे (सः) उसको (साधुभिः बहिष्कार्य:) श्रेष्ठ लोग जातिबाह्य कर दें, क्योंकि (वेदनिन्दकः) जो वेद की निन्दा करता है (नास्तिकः) वही नास्तिक कहाता है ॥१३०॥