Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 129 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 129

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 129
Shloka
श्रुतिस्तु वेदो विज्ञेयो धर्मशास्त्रं तु वै स्मृतिः। ते सर्वार्थेष्वमीमांस्ये ताभ्यां धर्मो हि निर्बभौ॥

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Subject
श्रुति और स्मृति का परिचय
Meaning
(श्रुतिः तु वेदः विज्ञेयः) श्रुति को वेद समझना चाहिए, और (धर्मशास्त्रं तु वै स्मृतिः) धर्मशास्त्र को स्मृति समझना चाहिए (ते) ये श्रुति और स्मृति शास्त्र (सर्वार्थेषु) सब बातों में (अमीमांस्ये) तर्क न करने योग्य हैं अर्थात् इनमें प्रतिपादित बातों का तर्क के द्वारा खण्डन नहीं करना चाहिए (हि) क्योंकि (ताभ्याम्) उन दोनों प्रकार के शास्त्रों से (धर्म:) धर्म (निर्बभौ) उत्पन्न हुआ है ॥१२९॥