Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 125 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 125

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
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Adhyay 1 Shloka 125
Shloka
वेदोऽखिलो धर्ममूलं स्मृतिशीले च तद्विदाम्। आचारश्चैव साधूनां आत्मनस्तुष्टिरेव च॥

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1 Bhashyas
Subject
धर्म के मूल
Meaning
(अखिल: वेदः) सम्पूर्ण वेद (च) और (तद्विदां स्मृतिशीले) उन वेदवेत्ताओं द्वारा प्रणीत स्मृतियां तथा उनका श्रेष्ठ स्वभाव (च) और (साधूनां आचार:) सत्पुरुषों का आचरण (च) तथा (आत्मन: तुष्टि: एव) अपनी आत्मा की प्रसन्नता का होना अर्थात् जिस कर्म के करने में भय, शंका, लज्जा न होकर ग्रात्मा को प्रसन्नता अनुभव हो, (धर्ममूलम्) ये धर्म के मूल हैं ॥१२५॥