Adhyay 1

Manusmriti

Shloka 123 Chapter One

Adhyay 1
Shloka 123

Chapter One

Subject: सृष्टि-उत्पत्ति एवं धर्मोत्पत्ति विषय

144 Shloka
1/123
Adhyay 1 Shloka 123
Shloka
अकामस्य क्रिया काचिद्दृश्यते नेह कर्हिचित्। यद्यद्धि कुरुते किं चित्तत्तत्कामस्य चेष्टितम्॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(हि) क्योंकि (यत् यत् किंचित् कुरुते) जो-जो हस्त, पाद, नेत्र, मन आदि चलाये जाते हैं (तत्तत् कामस्य चेष्टितम्) वे सब कामना ही से चलते हैं । (अकामस्य) जो इच्छा न हो तो (काचिक्रिया) आंख का खोलना और मींचना भी (न दृश्यते) नहीं हो सकता॥१२३॥