Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 9

Atharvaveda 8/7/9

10 Sukta
28 Mantra
8/7/9
Devata- भैषज्यम्, आयुष्यम्, ओषधिसमूहः Rishi- अथर्वा Chhanda- द्विपदार्ची भुरिगनुष्टुप् Suktam- ओषधि समूह सूक्त
Mantra with Swara
अ॒वको॑ल्बा उ॒दका॑त्मान॒ ओष॑धयः। व्यृषन्तु दुरि॒तं ती॑क्ष्णशृ॒ङ्ग्यः ॥

अ॒वका॑ऽउल्बा: । उ॒दक॑ऽआत्मान: । ओष॑धय: । वि । ऋ॒ष॒न्तु॒ । दु॒:ऽइ॒तम् । ती॒क्ष्ण॒ऽशृ॒ङ्ग्य᳡: ॥७.९॥

Mantra without Swara
अवकोल्बा उदकात्मान ओषधयः। व्यृषन्तु दुरितं तीक्ष्णशृङ्ग्यः ॥

अवकाऽउल्बा: । उदकऽआत्मान: । ओषधय: । वि । ऋषन्तु । दु:ऽइतम् । तीक्ष्णऽशृङ्ग्य: ॥७.९॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
(अवका-उल्बा:) = जल के शैवाल के भीतर उत्पन्न होनेवाली, (उदकात्मान:) = जलमय देहवाली तीक्ष्णभृङ्गायः-तीखे सींग व काँटोंवाली ओषधयः ओषधियाँ दुरितम्-अशुभ आचरण से उत्पन्न दुःखदायी रोग को विऋषन्तु-विशेषरूप से दूर करें।
Essence
जल के शैवाल के भीतर उत्पन्न होनेवाली तीक्ष्णशृंगी उदकात्मा ओषधियाँ पापरोग को दूर करनेवाली हों।
Subject
अवकोल्बाः, उदकात्मानः