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Atharvaveda - Mantra 2

Atharvaveda 8/6/2

10 Sukta
26 Mantra
8/6/2
Devata- मातृनामा अथवा मन्त्रोक्ताः Rishi- मातृनामा Chhanda- पुरस्ताद्बृहती Suktam- गर्भदोषनिवारण सूक्त
Mantra with Swara
प॑लालानुपला॒लौ शर्कुं॒ कोकं॑ मलिम्लु॒चं प॒लीज॑कम्। आ॒श्रेषं॑ व॒व्रिवा॑सस॒मृक्ष॑ग्रीवं प्रमी॒लिन॑म् ॥

प॒ला॒ल॒ऽअ॒नु॒प॒ला॒लौ । शर्कु॑म् । कोक॑म् । म॒लि॒म्लु॒चम् । प॒लीज॑कम् । आ॒ऽश्रेष॑म् । व॒व्रिऽवा॑ससम् । ऋक्ष॑ऽग्रीवम् । प्र॒ऽमी॒लिन॑म् ॥६.२॥

Mantra without Swara
पलालानुपलालौ शर्कुं कोकं मलिम्लुचं पलीजकम्। आश्रेषं वव्रिवाससमृक्षग्रीवं प्रमीलिनम् ॥

पलालऽअनुपलालौ । शर्कुम् । कोकम् । मलिम्लुचम् । पलीजकम् । आऽश्रेषम् । वव्रिऽवाससम् । ऋक्षऽग्रीवम् । प्रऽमीलिनम् ॥६.२॥

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Meaning
१. माता इन व्यक्तियों को भी वरण में अस्वीकार कर दे-(पलाल-अनुपलालौ) = जो तृण की भाँति है-अति निर्बल है, अथवा सीकया-सा प्रतीत होता है। (शर्कुम्) = 'शम् शम् इति कौति' जिसकी आवाज़ शरशराती-सी है। (कोकम्) = चक्रवाक के स्वभाववाला, अथवा [A wolf] भेड़िये कि भाँति बहुत खानेवाला है। (मलिम्लुचम्) = चोरी की वृत्तिवाला-मलिन स्वभाववाला है, (पलीजकम) = पलित केशोंवाला-वृद्ध-सा है। (आश्रेषम्) = [आश्लिष्य हन्तारम्] जो आलिङ्गन से पीड़ित करनेवाला-किसी संक्रामक रोग से पीड़ित है, (वविवाससम्) = [रूपोपेतवसनवन्तम्] दिखावे के लिए तड़क-भड़क के कपड़े पहने हुए है। (ऋक्षग्रीवम्) = रीछ की भाँति गर्दनवाला है तथा (प्रमीलिनम)-चूंधी-चूंधी आँखोंवाला है।
Essence
माता-पिता अपनी कन्या के लिए इन 'पलाल,अनुपलाल' आदि का भी वरण न करें।
Subject
'पलाल-अनुपलाल' विवाह के लिए निषिद्ध