Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 1

Atharvaveda 6/96/1

142 Sukta
3 Mantra
6/96/1
Devata- वनस्पतिः Rishi- भृग्वङ्गिरा Chhanda- अनुष्टुप् Suktam- चिकित्सा सूक्त
Mantra with Swara
या ओष॑धयः॒ सोम॑राज्ञीर्ब॒ह्वीः श॒तवि॑चक्षणाः। बृह॒स्पति॑प्रसूता॒स्ता नो॑ मुञ्च॒न्त्वंह॑सः ॥

या: । ओष॑धय: । सोम॑ऽराज्ञी: । ब॒ह्वी: । श॒तऽवि॑चक्षणा: । बृह॒स्पति॑ऽप्रसूता: । ता: । न॒: । मु॒ञ्च॒न्तु॒ । अंह॑स: ॥९६.१॥

Mantra without Swara
या ओषधयः सोमराज्ञीर्बह्वीः शतविचक्षणाः। बृहस्पतिप्रसूतास्ता नो मुञ्चन्त्वंहसः ॥

या: । ओषधय: । सोमऽराज्ञी: । बह्वी: । शतऽविचक्षणा: । बृहस्पतिऽप्रसूता: । ता: । न: । मुञ्चन्तु । अंहस: ॥९६.१॥

Meaning
१. (या:) = जो (सोमराज्ञी:) = सोम ओषधि जिनकी मुखिया है, ऐसी (बही:) = बहुत-सी (शतवि चक्षणा:) = शतवर्षपर्यन्त हमारा ध्यान करनेवाली (ओषधयः) = ओषधियाँ हैं, ऐसी (ता:) = वे ओषधियाँ (बृहस्पतिप्रसूता:) = उस सर्वज्ञ प्रभु से पैदा की गई तथा ज्ञानी वैद्य से प्रयुक्त हुई-हुई (न:) = हमें (अंहसः मुञ्चन्तु) = कष्टों से मुक्त करें।
Essence
प्रभु ने संसार में विविध ओषधियों को जन्म दिया है। सोमलता इनमें प्रमुख है। इन ओषधियों का ठीक प्रयोग हमें सब कष्टों से मुक्त करता है।

 
Subject
सोमराज्ञी', ओषधयः

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.