Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 6

Atharvaveda 3/14/6

31 Sukta
6 Mantra
3/14/6
Devata- गौः Rishi- ब्रह्मा Chhanda- आर्षी त्रिष्टुप् Suktam- गोष्ठ सूक्त
Mantra with Swara
मया॑ गावो॒ गोप॑तिना सचध्वम॒यं वो॑ गो॒ष्ठ इ॒ह पो॑षयि॒ष्णुः। रा॒यस्पोषे॑ण बहु॒ला भव॑न्तीर्जी॒वा जीव॑न्ती॒रुप॑ वः सदेम ॥

मया॑ । गा॒व॒: । गोऽप॑तिना । स॒च॒ध्व॒म् । अ॒यम् । व॒: । गो॒ऽस्थ: । इ॒ह । पो॒ष॒यि॒ष्णु: । रा॒य: । पोषे॑ण । ब॒हु॒ला: । भव॑न्ती: । जी॒वा: । जीव॑न्ती: । उप॑ । व॒: । स॒दे॒म॒ ॥१४.६॥

Mantra without Swara
मया गावो गोपतिना सचध्वमयं वो गोष्ठ इह पोषयिष्णुः। रायस्पोषेण बहुला भवन्तीर्जीवा जीवन्तीरुप वः सदेम ॥

मया । गाव: । गोऽपतिना । सचध्वम् । अयम् । व: । गोऽस्थ: । इह । पोषयिष्णु: । राय: । पोषेण । बहुला: । भवन्ती: । जीवा: । जीवन्ती: । उप । व: । सदेम ॥१४.६॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
१. हे (गाव:) = गौओ! (गोपतिना) = गौओं के रक्षक (मया) = मेरे साथ (सचध्वम्) = तुम्हारा मेल हो (इह) = इस घर में (अयं गोष्ठ:) = यह गोष्ठ (वः, पोषयिष्णु:) = तुम्हारा पोषक हो। २. (रायस्पोषेण) = धन के पोषण से (बहुला:) = बहुत संख्यावाली (भवन्ती:) = होती हुई (जीवन्ती:) = जीवन शक्ति से युक्त (व:) = तुम्हें (जीवा:) = जीवनशक्ति से युक्त हम (उपसदेम) = समीपता से प्राप्त हों। जितना हमारा धन का पोषण हो उतना ही हम गौओं के बढ़ानेवाले हों। गौएँ ही हमें जीवनशक्ति प्राप्त कराएँगी।
Essence
हमारे गोष्ठ में गौओं का पोषण हो और गौएँ हमारा पोषण करनेवाली हों।
Subject
गोपति के साथ गौओं का मेल
Special
अगले सूक्त का विषय वाणिज्य है। इसका ऋषि 'अथर्वा' है, जो प्रलोभनवश डौंवाडोल नहीं हो जाता [न थर्वति]। यह धर्म के मार्ग से ही धन कमाता है। वह कामना करता है -