Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 1

Atharvaveda 2/16/1

36 Sukta
5 Mantra
2/16/1
Devata- प्राणः, अपानः, आयुः Rishi- ब्रह्मा Chhanda- एदपदासुरीत्रिष्टुप् Suktam- सुरक्षा सूक्त
Mantra with Swara
प्राणा॑पानौ मृ॒त्योर्मा॑ पातं॒ स्वाहा॑ ॥

प्राणा॑पानौ । मृ॒त्यो: । मा॒ । पा॒त॒म् । स्वाहा॑॥१६.१॥

Mantra without Swara
प्राणापानौ मृत्योर्मा पातं स्वाहा ॥

प्राणापानौ । मृत्यो: । मा । पातम् । स्वाहा॥१६.१॥

Meaning
१. (प्राणापानौ) = हे प्राण और अपान! [प्राक् ऊर्ध्वमुखः अनिति चेष्टत इति प्राणः, अप आवमुखः अनिति इति अपान:] आप दोनों (मा) = मुझे (मृत्यो:) = मृत्यु से (पातम्) = बचाओ। 'अपान' दोषों को दूर करता है और प्राण शक्ति का सञ्चार करता है। इसप्रकार प्राणापान की क्रिया से हम मृत्यु का शिकार नहीं होते। २. (स्वाहा) = 'स्वा वाग् आह' [तै० २.१.२.३]। मेरी वाणी सदा यही प्रार्थना करनेवाली हो। मैं सदा अपने को इसीप्रकार आत्मप्रेरणा दूँ कि प्राणापान कि शक्ति के वर्धन से मैं मृत्यु को अपने से दूर रक्षंगा।
Essence
प्राणापान की शक्ति के वर्धन से हम दीर्घजीवी बनें। ये प्राण और अपान हमें मृत्यु व रोगों से बचाते हैं।
Subject
दीर्घजीवन

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.