Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 3

Atharvaveda 2/1/3

36 Sukta
5 Mantra
2/1/3
Devata- ब्रह्मात्मा Rishi- वेनः Chhanda- त्रिष्टुप् Suktam- परमधाम सूक्त
Mantra with Swara
स नः॑ पि॒ता ज॑नि॒ता स उ॒त बन्धु॒र्धामा॑नि वेद॒ भुव॑नानि॒ विश्वा॑। यो दे॒वानां॑ नाम॒ध एक॑ ए॒व तं सं॑प्र॒श्नं भुव॑ना यन्ति॒ सर्वा॑ ॥

स: । न॒: । पि॒ता । ज॒नि॒ता । स: । उ॒त । बन्धु॑: । धामा॑नि । वे॒द॒ । भुव॑नानि । विश्वा॑ । य: । दे॒वाना॑म् । ना॒म॒ऽध: । एक॑: । ए॒व । तम् । स॒म्ऽप्र॒श्नम् । भुव॑ना । य॒न्ति॒ । सर्वा॑ ॥१.३॥

Mantra without Swara
स नः पिता जनिता स उत बन्धुर्धामानि वेद भुवनानि विश्वा। यो देवानां नामध एक एव तं संप्रश्नं भुवना यन्ति सर्वा ॥

स: । न: । पिता । जनिता । स: । उत । बन्धु: । धामानि । वेद । भुवनानि । विश्वा । य: । देवानाम् । नामऽध: । एक: । एव । तम् । सम्ऽप्रश्नम् । भुवना । यन्ति । सर्वा ॥१.३॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
१. (स:) = वे प्रभु ही (न:) = हमारे (पिता) = रक्षक हैं, (जनिता) = हमारी शक्तियों का प्रादुर्भाव करनेवाले हैं (उत) = और (स:) = वे प्रभु ही (बन्धुः) = हमारे कर्मों के अनुसार उस-उस योनि में बाँधनेवाले हैं। वे प्रभु (विश्वा) = सब (भुवनानि) = लोकों व (धामानि) = स्थानों को (वेद) = जानते हैं। उन सबको जानते हुए वे प्रभु हमारे कर्मों के अनुसार उन-उन लोकों व उन-उन स्थानों में हमें जन्म देते हैं। २. (यः) = जो प्रभु (एकः एव) = अकेले ही (देवानाम्) = सब देवों के (नामधः) = नामों को धारण करनेवाले हैं, अर्थात् सूर्य के प्रकाशक होने से वस्तुत: वे ही सूर्य हैं, अत: वे प्रभु ही ('तदेवाग्निस्तदादित्यस्तद् वायुस्तद् चन्द्रमाः । तदेव शुक्रं तद् ब्रह्म ता आपः स प्रजापतिः') अग्नि, आदित्य, वायु, चन्द्रमा, शुक्र, ब्रह्म, आपः, प्रजापति हैं। ३. (तम्) = उस (संप्रश्नम्) = [प्रच्छ ज्ञीप्सायाम्] जानने के लिए (ईप्सित) = प्रभु को (सर्वा भुवना) = सब भुवन (यन्ति) = जाते हैं। सब व्यक्ति उस प्रभु की ओर चल रहे हैं, कई ठीक मार्ग से, कई अज्ञानवश कुछ भ्रान्त मार्ग से, परन्तु अन्ततः सबको पहुँचना वहीं है।
Essence
प्रभु ही सर्वश्रेष्ठ बन्धु हैं। वे हमारे कर्मानुसार हमें उचित लोक व स्थान में जन्म देते हैं। सूर्यादि सब देवों को भी वे ही शक्ति प्रदान करते हैं। सभी अपनी समझ के अनुसार उस प्रभु की ओर चल रहे हैं।
Subject
सब देवों का नामधारक मुख्य देव