Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 8

Atharvaveda 19/9/8

72 Sukta
14 Mantra
19/9/8
Devata- शान्तिः, मन्त्रोक्ताः Rishi- ब्रह्मा Chhanda- अनुष्टुप् Suktam- शान्ति सूक्त
Mantra with Swara
शं नो॒ भूमि॑र्वेप्यमा॒ना शमु॒ल्का निर्ह॑तं च॒ यत्। शं गावो॒ लोहि॑तक्षीराः॒ शं भूमि॒रव॑ तीर्य॒तीः ॥

शम्। नः॒। भूमिः॑। वे॒प्य॒मा॒ना। शम्। उ॒ल्का। निःऽह॑तम्। च॒। यत्। शम्। गावः॑। लोहि॑तऽक्षीराः। शम्। भूमिः॑। अव॑। ती॒र्य॒तीः ॥९.८॥

Mantra without Swara
शं नो भूमिर्वेप्यमाना शमुल्का निर्हतं च यत्। शं गावो लोहितक्षीराः शं भूमिरव तीर्यतीः ॥

शम्। नः। भूमिः। वेप्यमाना। शम्। उल्का। निःऽहतम्। च। यत्। शम्। गावः। लोहितऽक्षीराः। शम्। भूमिः। अव। तीर्यतीः ॥९.८॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
१. (वेप्यमाना) = किन्हीं भी प्राकृतिक उद्वेगों से कैंपायी गई (भूमिः नः शम्) = भूमि हमारे लिए शान्तिकर हो। हमें भूकम्प कष्टमग्न न करे (च) = और उल्का (निहतम्) = आकाश से भूमि पर गिरनेवाले पिण्डों का (यत्) = जो आघात है, वह भी (शम्) = शान्त हो। २. रोग के कारण (लोहितक्षीरा:) = रुधिर के समान दूध देनेवाली (गाव:) = गौएँ (शम्) = शान्ति दें। (अवतीर्यती:) = नीचे. समुद्र में धंसती हुई (भूमिः) = भूमि (शम्) = हमारे लिए कष्टकर न हो।
Essence
'भूकम्प, उल्का निर्घात, भूमि का समुद्र में धंस जाना' आदि आधिदैविक कष्ट हमें पीड़ित न करें। हमारी गौओं के दूध में किसी प्रकार का विकार न आ जाए।
Subject
भूकम्प आदि से बचाव