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Atharvaveda - Mantra 11

Atharvaveda 19/9/11

72 Sukta
14 Mantra
19/9/11
Devata- शान्तिः, मन्त्रोक्ताः Rishi- ब्रह्मा Chhanda- अनुष्टुप् Suktam- शान्ति सूक्त
Mantra with Swara
शं रु॒द्राः शं वस॑वः॒ शमा॑दि॒त्याः शम॒ग्नयः॑। शं नो॑ मह॒र्षयो॑ दे॒वाः शं दे॒वाः शं बृह॒स्पतिः॑ ॥

शम्। रु॒द्राः। शम्। वस॑वः। शम्। आ॒दि॒त्याः। शम्। अ॒ग्नयः॑। शम्। नः॒।म॒ह॒ऽऋष॑यः। दे॒वाः। शम्। दे॒वाः। शम्। बृह॒स्पतिः॑ ॥९.११॥

Mantra without Swara
शं रुद्राः शं वसवः शमादित्याः शमग्नयः। शं नो महर्षयो देवाः शं देवाः शं बृहस्पतिः ॥

शम्। रुद्राः। शम्। वसवः। शम्। आदित्याः। शम्। अग्नयः। शम्। नः।महऽऋषयः। देवाः। शम्। देवाः। शम्। बृहस्पतिः ॥९.११॥

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Meaning
१.(रुद्रा शम्) = चवालीस वर्ष तक ब्रह्मचर्य का धारण करनेवाले रुद्र ब्रह्मचारी हमारे लिए शान्ति प्राप्त कराएँ। (वसवः शम्) = २४ वर्ष तक ब्रह्मचर्य के धारक वसु ब्रह्मचारी हमें शान्ति दें। (आदित्या:) = ४८ वर्ष तक ब्रह्मचर्य का धारण करनेवाले विद्वान् आदित्य हमें शान्ति प्राप्त कराएँ। (अग्नयः) = माता-पिता व आचार्यरूप अग्रियों हमें (शम्) = शान्ति दें। ['पिता वै गार्हपत्योऽग्निः माताग्निर्दक्षिणः स्मृतः । गुरुराहवनीयस्तु साग्नित्रेता गरीयसी ॥"]। २. (न:) = हमारे लिए (महर्षयः देवा:) = तत्त्वद्रष्टा ज्ञानी (शम्) = शान्ति दें तथा (देवा:) = सब दिव्यवृत्ति के पुरुष (शम्) = शान्ति प्राप्त कराएँ और (बृहस्पति:) = ज्ञानियों का ज्ञानी बृहस्पति (शम्) = हमें शान्ति दे।
Essence
सब विद्वान्, ऋषि व देव हमें शान्ति प्राप्त कराएँ।
Subject
वसु-रुद्र-आदित्यों से शान्ति लाभ