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Atharvaveda - Mantra 13

Atharvaveda 19/22/13

72 Sukta
21 Mantra
19/22/13
Devata- मन्त्रोक्ताः Rishi- अङ्गिराः Chhanda- दैवी त्रिष्टुप् Suktam- ब्रह्मा सूक्त
Mantra with Swara
उ॑त्त॒रेभ्यः॒ स्वाहा॑ ॥

उ॒त्ऽत॒रेभ्यः॑। स्वाहा॑ ॥२२.१३॥

Mantra without Swara
उत्तरेभ्यः स्वाहा ॥

उत्ऽतरेभ्यः। स्वाहा ॥२२.१३॥

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1 Bhashyas
Meaning
१. गतमन्त्र के शान्तेन्द्रिय, अतएव (उपोत्तमेभ्यः) = उस उत्तमपुरुष प्रभु के समीप वास करनेवालों के लिए (स्वाहा) = हम प्रशंसात्मक शब्द कहते हैं। २. (उत्तमेभ्यः) [ब्रह्मभूतेभ्यः] = इन उत्तम-ब्रह्मप्राप्त पुरुषों के लिए (स्वाहा) = हम शुभ शब्द बोलते हैं। ३. (उत्तरेभ्यः) = संसार-सागर को उत्तीर्ण कर गये इन पुरुषों के लिए हम (स्वाहा) = अपने को अर्पित करते हैं [स्व हा] और उनकी भाँति हम भी भवसागर को तैरने के लिए यत्नशील होते हैं।
Essence
हम प्रभु की उपासना करें। प्रभु को प्राप्त करें और भवसागर से उत्तीर्ण हो जाएँ।
Subject
उपोत्तम-उत्तम-उत्तर