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Atharvaveda - Mantra 21

Atharvaveda 18/1/21

4 Sukta
61 Mantra
18/1/21
Devata- जगती Rishi- यम, मन्त्रोक्त Chhanda- अथर्वा Suktam- पितृमेध सूक्त
Mantra with Swara
अध॒ त्यंद्र॒प्सं वि॒भ्वं विचक्ष॒णं विराभ॑रदिषि॒रः श्ये॒नो अ॑ध्व॒रे। यदी॒ विशो॑वृ॒णते॑ द॒स्ममार्या॑ अ॒ग्निं होता॑र॒मध॒ धीर॑जायत ॥

अध॑ । त्यम् । द्र॒प्सम् । वि॒ऽभ्व᳡म् । वि॒ऽच॒क्ष॒णम् । वि: । आ । अ॒भ॒र॒त् । इ॒षि॒र: । श्ये॒न: । अ॒ध्व॒रे । यदि॑ । विश॑: । वृ॒णते॑ । द॒स्मम् । आर्या॑: । अ॒ग्निम् । होता॑रम् । अध॑ । धी: । अ॒जा॒य॒त॒ ॥१.२१॥

Mantra without Swara
अध त्यंद्रप्सं विभ्वं विचक्षणं विराभरदिषिरः श्येनो अध्वरे। यदी विशोवृणते दस्ममार्या अग्निं होतारमध धीरजायत ॥

अध । त्यम् । द्रप्सम् । विऽभ्वम् । विऽचक्षणम् । वि: । आ । अभरत् । इषिर: । श्येन: । अध्वरे । यदि । विश: । वृणते । दस्मम् । आर्या: । अग्निम् । होतारम् । अध । धी: । अजायत ॥१.२१॥

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Meaning
१. (अध) = अब, गतमन्त्र के अनुसार हृदय में प्रभु का प्रकाश होने पर (श्येनः) = [श्यैङ् गतौ] यह गतिशील (इषिरः) = प्रभु-प्रेरणा प्राप्त करनेवाला (विः) = जीवरूप पक्षी (त्यम्) = उस (द्रप्सम्) = हर्ष के कारणभूत सोम को (अध्वरे आभरत) = अपने हिंसाशून्य जीवन-यज्ञ में पोषित करता है। जो सोम (विभ्वम्) = शरीर में शक्ति प्राप्त करानेवाला है तथा (विचक्षणम्) = विशिष्ट प्रकाश प्राप्त करानेवाला है। यह सोम मस्तिष्क में ज्ञानाग्नि का ईंधन बनकर प्रकाश भरनेवाला है। सोम के रक्षण के लिए गतिशीलता आवश्यक है [श्येनः] तथा ऊँची उड़ान का लेना-ऊँचे लक्ष्य का रखना आवश्यक है [वि:]। इस सोम के रक्षण से शक्ति व ज्ञान की वृद्धि होती है [विध्वं, विचक्षणम्] २. सोमरक्षण के बाद (यत्) = जब (ई) = निश्चय से (आर्याः विश:) = श्रेष्ठ प्रजाएँ (दस्मम्) = सब दु:खों व पापों को नष्ट करनेवाले-दर्शनीय, (अग्निम्) = अग्रणी-उन्नतिपथ पर ले-चलनेवाले, (होतारम्) = सब आवश्यक पदार्थों को प्राप्त करानेवाले प्रभु को (वृणते) = वरती हैं। (अध) = इसके बाद ही (धी:) = ज्ञानपूर्वक कर्म (अजायत) = उत्पन्न होता है। आर्यपुरुष ज्ञानपूर्वक कर्मों को करते हैं। प्रभु का वरण करने से उनके कर्मों में पवित्रता बनी रहती है।
Essence
गतिशील व ऊँचे लक्ष्यवाले बनकर हम सोम का रक्षण करें। सोमरक्षण के द्वारा शक्ति व प्रकाश प्राप्त करें। आर्यलोग प्रभु का ही बरण करते हैं, अत: उनके कर्म पवित्र होते है।
Subject
आर्याः विश: