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Atharvaveda - Mantra 3

Atharvaveda 16/4/3

9 Sukta
7 Mantra
16/4/3
Devata- साम्नी अनुष्टुप् Rishi- आदित्य Chhanda- ब्रह्मा Suktam- दुःख मोचन सूक्त
Mantra with Swara
मा मां प्रा॒णोहा॑सी॒न्मो अ॑पा॒नोऽव॒हाय॒ परा॑ गात् ॥

मा । माम् । प्रा॒ण: । हा॒सी॒त् । मो इति॑ । अ॒पा॒न: । अ॒व॒ऽहाय॑ । परा॑ । गात् ॥४.३॥

Mantra without Swara
मा मां प्राणोहासीन्मो अपानोऽवहाय परा गात् ॥

मा । माम् । प्राण: । हासीत् । मो इति । अपान: । अवऽहाय । परा । गात् ॥४.३॥

Meaning
१. आत्मनिरीक्षण करनेवाला व्यक्ति युक्ताहार-विहार करनेवाला बनता है। युक्ताहार विहारवाला होता हुआ यह प्रार्थना करता है कि (माम्) = मुझे (प्राण:) = प्राणशक्ति (मा हासीत) = मत छोड़ जाए। (उ) = और (अपान:) = अपानशक्ति भी (माम्) = मुझे छोड़कर (मा परागात्) = दूर मत चली जाए। २. प्राणशक्ति ने ही तो शरीर में बल का संचार करना है तथा अपान ने सब दोषों का निराकरण करके हमें स्वस्थ बनाना है।
Essence
आत्मनिरीक्षण करते हुए मैं युक्ताहार-विहारवाला बनूं तथा वासनाओं को विनष्ट करता हुआ अपनी प्राणापानशक्ति को सुरक्षित रक्खें।
Subject
प्राणापान

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