Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 1

Atharvaveda 16/4/1

9 Sukta
7 Mantra
16/4/1
Devata- साम्नी अनुष्टुप् Rishi- आदित्य Chhanda- ब्रह्मा Suktam- दुःख मोचन सूक्त
Mantra with Swara
नाभि॑र॒हंर॑यी॒णां नाभिः॑ समा॒नानां॑ भूयासम् ॥

नाभि॑: । अ॒हम् । र॒यी॒णाम् । नाभि॑: । स॒मा॒नाना॑म् । भू॒या॒स॒म् ॥४.१॥

Mantra without Swara
नाभिरहंरयीणां नाभिः समानानां भूयासम् ॥

नाभि: । अहम् । रयीणाम् । नाभि: । समानानाम् । भूयासम् ॥४.१॥

Meaning
१. (अहम्) = मैं (रयीणाम्) = सब ऐश्वर्यों का (नाभि:) = अपने में बांधनेवाला बनुं। इसीप्रकार (समानानाम्) = अपने समान जातिवालों का भी (नाभिः भूयासम्) = केन्द्र बन पाऊँ। उन सबमें मैं श्रेष्ठ बनें। सब मुझे ही नेता के रूप में देखें।
Essence
हम सब कोशों के ऐश्वयों का सम्पादन करते हुए अपने वर्ग में श्रेष्ठतम स्थान में पहुँचने के लिए यत्नशील हों।
Subject
नाभिः

We are thankful to https://vedicscriptures.in for providing us a substantial amount of data for this section of the Vedas.