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Atharvaveda - Mantra 10

Atharvaveda 16/1/10

9 Sukta
13 Mantra
16/1/10
Devata- याजुषी त्रिष्टुप् Rishi- प्रजापति Chhanda- अथर्वा Suktam- दुःख मोचन सूक्त
Mantra with Swara
अ॑रि॒प्रा आपो॒अप॑ रि॒प्रम॒स्मत् ॥

अ॒रि॒प्रा: । आप॑: । अप॑ । रि॒प्रन् । अ॒स्मत् ॥१.१०॥

Mantra without Swara
अरिप्रा आपोअप रिप्रमस्मत् ॥

अरिप्रा: । आप: । अप । रिप्रन् । अस्मत् ॥१.१०॥

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Meaning
१. (आपः) = [आपः रेतो भूत्वा०] कामाग्नि के शमन से शरीर में सुरक्षित हुए रेत:कण (अरिप्रा:) = निर्दोष हैं [रिप्रम् sin]| शरीर में रेत:कणों का रक्षण होने पर किसी प्रकार की अपवित्रता [Impurity रिप्रम्] उत्पन्न नहीं होती। २. ये सुरक्षित रेत:कण (अस्मत्) = हमसे (रिप्रम् अप) = पापों व अपवित्रता को दूर करें। शरीर में सुरक्षित रेत:कण जहाँ शरीर को पवित्र व निर्मल और अतएव नौरोग रखते हैं, वहाँ ये मन को पापभावना से आक्रान्त नहीं होने देते।
Essence
कामाग्नि का शमन हममें रेत:कणों का रक्षण करे। ये सुरक्षित रेत:कण हमें नीरोग व निर्मल बनाएँ।
Subject
'अरिप्रा:' आप: