Available Bhashyas

Bhashyas

Choose the bhashyas to show on this mantra page.

Atharvaveda - Mantra 2

Atharvaveda 15/15/2

18 Sukta
9 Mantra
15/15/2
Devata- आसुरी बृहती Rishi- अध्यात्म अथवा व्रात्य Chhanda- अथर्वा Suktam- अध्यात्म प्रकरण सूक्त
Mantra with Swara
स॒प्त प्रा॒णाःस॒प्तापा॒नाः स॒प्त व्या॒नाः ॥

स॒प्त । प्रा॒णा: । स॒प्त । अ॒पा॒ना: । स॒प्त । वि॒ऽआना: ॥१५.२॥

Mantra without Swara
सप्त प्राणाःसप्तापानाः सप्त व्यानाः ॥

सप्त । प्राणा: । सप्त । अपाना: । सप्त । विऽआना: ॥१५.२॥

Available Bhashyas

1 Bhashyas
Meaning
१. (तस्य व्रात्यस्य) = उस व्रतमय जीवनवाले विद्वान् के (सप्त प्राण) = सात प्राण हैं। (सप्त अपाना:) = सात अपान है और (सप्त व्याना:) = सात व्यान हैं। २. शरीर में शक्ति का संचार करनेवाले तत्त्व प्राण हैं। शरीर में दोषों को दूर करनेवाले तत्त्व अपान हैं तथा शरीर की सब क्रियाओं को शासित करनेवाली शक्तियों व्यान हैं।
Essence
व्रात्य 'सात प्राणों, सात अपानों तथा सात व्यानों का स्वामी होता है।
Subject
सात 'प्राण, अपान, व्यान'